रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350

रायगढ़ में कानून का नया चेहरा बने एसएसपी शशिमोहन
रायगढ़। जिले में इन दिनों कानून व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव साफ नजर आ रहा है। गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक, व्यापारियों से लेकर आम नागरिकों तक और अपराधियों से लेकर पुलिस महकमे तक — हर जगह यदि किसी नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है!!
तो वह है एसएसपी शशिमोहन सिंह।
बिना अनावश्यक प्रचार और दिखावटी पुलिसिंग के, बेहद कम समय में जिस तरह उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था को नई धार दी है, वह उनकी प्रशासनिक क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण बन चुका है। शांत लेकिन निर्णायक कार्यशैली के जरिए उन्होंने यह साबित कर दिया है कि कानून की ताकत केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे सकती है।

अपराधियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई
जिले भर में सट्टा, जुआ, कबाड़, साइबर अपराध, हत्या, लूट, अपहरण और महिलाओं से जुड़े अपराधों पर जिस आक्रामक रणनीति के साथ कार्रवाई की गई है, उसने अपराध जगत में खलबली मचा दी है। वर्षों से सक्रिय असामाजिक तत्वों के बीच अब पुलिस कार्रवाई का डर साफ दिखाई देने लगा है।
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। बिना किसी राजनीतिक दबाव या रसूख के प्रभाव में आए उन्होंने सीधे कार्रवाई और परिणाम आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता दी है।

“आघात”, “अंकुश” और “प्रहार” अभियान बने अपराधियों के लिए खतरा
आईपीएस शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे “आघात”, “अंकुश” और “प्रहार” जैसे विशेष अभियानों ने अपराधियों के बीच भय का माहौल तैयार कर दिया है। थाना स्तर से लेकर फील्ड तक लगातार मॉनिटरिंग के कारण पुलिस विभाग में जवाबदेही और मुस्तैदी बढ़ी है।

जवानों की सक्रियता में तेजी आई है और अपराधियों के बच निकलने की संभावनाएं लगातार कम होती जा रही हैं। लंबे समय बाद रायगढ़ में आम नागरिकों के बीच यह भरोसा मजबूत हुआ है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
जनता के बीच बढ़ा भरोसा
व्यापारी वर्ग खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है। महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और युवाओं में पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।

यह बदलाव केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं है,
बल्कि सामाजिक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।
एसएसपी शशिमोहन सिंह की “सोशल पुलिसिंग” भी चर्चा का विषय बनी हुई है। खेल गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने का काम किया है।
सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन
रायगढ़ में आज अपराधियों के बीच पुलिस का नहीं, सीधे एसएसपी शशिमोहन सिंह का खौफ सुनाई देता है। वहीं आम नागरिकों की जुबान पर पुलिस के प्रति सम्मान और विश्वास लौटता नजर आ रहा है।
सख्ती और संवेदनशीलता का ऐसा संतुलन विरले अधिकारियों में ही देखने को मिलता है। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, निडर और संकल्पित हो, तो कानून की आवाज भले शांत हो, लेकिन उसका असर बेहद गूंजदार होता है।
न्यूज़ मिर्ची डिजिटल
खबरों का तड़का
संपादक : संतोष पुरुषवानी
