कहीं यह प्रायवेट स्कूलों को फायदा पहुंचाने का कोई तरीका तो नहीं
रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य गुरूपाल भल्ला ने शासन द्वारा हिंदी माध्यम स्कूलों को बन्द करने के मामले में प्रदेश की भूपेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिना सोचे विचारे भूपेश सरकार द्वारा विकासखंड स्तरों के बड़े-बड़े हायर सेकेंडरी स्कूलों को जो हिंदी माध्यम में संचालित है ,उसमें आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोल दिया जिससे किसी को कोई परेशानी नहीं है, परंतु अभी अचानक वहां के पूरे स्टाफ को हटा दिया गया है जिससे स्पष्ट हो गया कि हिंदी मध्यम स्कूल बंद होगा। शासन ने कभी नहीं सोचा की गरीब एवं आदिवासी जनता अब शिक्षा के लिए कहां जाएगी क्योंकि अंग्रेजी माध्यम में चौथी कक्षा के बाद अंग्रेजी माध्यम के ही छात्र को प्रवेश मिलेगा जो सिर्फ शहरों में है तो क्या गरीब एवं ग्रामीण जनता के साथ स्कूल को बंद करके भूपेश सरकार न्याय कर रही है?
श्री भल्ला ने कहा कि कई विकास खंडों में दूर-दूर तक दूसरे स्कूल नहीं है न हीं छात्रावास है जहां है उन को बंद किया जा रहा है इतिहास में पहली बार ऐसा बिना विचारे कोई सरकार ने निर्णय लिया है जिसका दुष्परिणाम सामने आ रहा है। पूरे प्रदेश में छात्र वहां के नागरिक जन नेता सड़कों पर उतर रहे परंतु अपनी जिद में अड़ी सरकार उन स्कूलों को बंद करते जा रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि जनता बहुत बर्दाश्त करती है परंतु जब उत्तर देती है तो किसी को कुछ भी करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसी तरह की स्थिति अब छत्तीसगढ़ में बनती जा रही है। जब विद्यालय नहीं रहेंगे तब ग्रामीण जनता मजबूर होकर अपनी जमीन जायदाद बेचकर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलाएगी। इससे प्रतीत होता है कि यह प्राइवेट स्कूल को फायदा पहुंचाने का एक अच्छा तरीका है।भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में पूरे प्रदेश में जितने स्कूल खोलें कभी कोई स्कूल बंद नहीं किया वही भूपेश सरकार स्कूल बंद करने का विश्व रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है।
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स्कूल बंद करने के विश्व रिकार्ड बनाने की ओर अग्रसर भूपेश सरकार-गुरूपाल भल्ला
Santosh Kumar
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