रायगढ़।सहारा इंडिया परिवार के कारण छतीसगढ़ के साथ-साथ रायगढ़ जिले में भी सहारा इंडिया मे पैसा लगाने वाले हितग्राही लगातार परेशान है। प्राईवेट जमा कंपनी के रूप में सहारा इंडिया ने छोटी बचत एवं बड़ी बचत करवाकर लोगों के करोड़ो करोड़ रुपये जमा करवा लिए। लेकिन आज दिनांक में इस प्रकार के कैसे भी पैसे को वापिस करने के लिए सहारा इंडिया के ग्राहकों को 1-1 रुपए के लिए मोहताज कर दे रहे हैं। यहीं नहीं लोगो के पैसे तो लगातार जमा कर रहे है लेकिन देते समय खून के आंसू रूला रहे है। ऐसे में परेशान हितग्राही दर-दर की ठोकरें खा रहे है। दुनियाभर का प्रदर्शन, ज्ञापन,रैली आदि करने के बाद भी उनको रूटिन में पैसा नहीं मिल रहा है।यदि ऐसा ही रहा तो अपनी जमा पूंजी लगाकर उसके ब्याज से जीवन यापन करने वाले लोग दर-दर की ठोकर खाने की स्थिति में आ जाने के बाद भीख मांगना ही बाकी रहेगा।
💥प्रशासन को बड़ी दुर्घटना का इंतजार💥

कई हितग्राहियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके खून पसीने का करोड़ों रुपया सहारा इंडिया परिवार ने उन्होंने अपने जीवन यापन के लिए जमा कर दिया था।जिससे मिलने वाले ब्याज से उनका परिवार चलता रहे। यदि वह ब्याज नही मिल रहा तो भूखे मरने की नौबत आ चुकी है। क्या ऐसे में कहीं परिवार के साथ कोई बड़ी दुर्घटना या मरने की नौबत तो नहीं आ जाएगी…?
💥आखिर प्रशासन या पुलिस किस बात का इंतजार कर रहे है💥
जब जनता के हित में सरकार चलती है तो यहां भी जनता के खून-पसीने की कमाई का सवाल है।यहां के सहारा इंडिया के मैनेजर अमृत श्रीवास एवं फ्रेन्चाईजी के हेड विजय के द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है जबकि करोड़ो रुपया सहारा परिवार के स्थानीय शाखा में हर महीने जमा हो रहा है। यदि कोई घटना घटती है तो सहारा इंडिया परिवार तो उसका जिमेदार तो होगा ही लेकिन प्रशासन भी बदनामी से बच नहीं पाएगी।
💥सरकार व प्रशासन मौन💥
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार जनता के हित में अनेक कार्य कर रही है ऐसे मे यह उमीद सहारा इंडिया के हितग्राहियों को
बंधी थी कि सरकार के दबाव व प्रयास से उनका कानूनी पैसा वापस मिलेगा। पर ऐसा नहीं हुआ सरकार के नाम व जिला प्रशासन
के नाम पर ज्ञापन देने के बाद भी सहारा इंडिया में लगाए हुए पैसे वापस नहीं मिल रहे न ही याज मिल रहा। ऐसे में गरीब हितग्राही कहां जाए? प्रशासन को भी
ज्ञापन देने के बाद उनको समझाया व बताया गया लेकिन सहारा इंडिया जिला रायगढ़ के ब्रांच को न प्रशासन का डर है न सरकार का।
💥कई जगह हो चुकी एफआईआर पर रायगढ़ में कुछ नहीं..💥
सहारा इंडिया परिवार के प्रमुख कहे जाने वाले सहारा श्री के रूप में पहचाने जाने वाले सुब्रत रॉय सहित अनेक अधिकारी कर्मचारियों पर कई जगह धोखाघड़ी के अपराध में मामले दर्ज हो चुके हैं ऐसे में छतीसगढ़ व रायगढ़ में भी मामले दर्ज करने के लिए आवेदन दिया जा चुका है लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परेशान होकर हितग्राहियों को उपभोता फोरम जाना पड़ रहा है लेकिन यह मामला सीधा-सीधा आईपीसी की
धारा 420, 406, 120बी के साथ-साथ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6(1) के तहत भी अपराध बनता है। लेकिन पुलिस या प्रशासन इसमे पहल
नहीं कर रही है। जबकि मंदसौर, गुना,राजस्थान के पर्वतसर, मकराना एवं अन्य कई राज्यों में एफआईआर हो चुकी है।
अब देखना यह है कि छतीसगढ़ में अपने निवासियों के साथ हुई धोखाघड़ी के संबंध में सरकार या प्रशासन या पुलिस कब एफआईआर कर सहारा इंडिया
परिवार पर दबाव बनाते है..।

